॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ✦ ॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ✦ ॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ✦ ॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ✦ ॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ✦ ॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ✦

॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै नमः ॥

नलखेड़ा यात्रा गाइड

आरती समय, मार्ग, ठहरना, पर्व और माँ के मंदिर का इतिहास

दर्शन

आरती व मंदिर समय

मंगल आरती

प्रातः 6:30 AM

संध्या आरती

सायं 7:00 PM

मंदिर पट बंद

रात्रि 9:00 PM

मार्ग

नलखेड़ा कैसे पहुँचें

उज्जैन से

लगभग 100 किमी — बस / टैक्सी द्वारा 2–2.5 घंटे

इंदौर से

लगभग 160 किमी — बस / टैक्सी द्वारा 3.5–4 घंटे

कोटा / झालावाड़ से

सड़क मार्ग से — टैक्सी सबसे सुविधाजनक

निकटतम रेलवे

उज्जैन, शाजापुर या आगर; वहाँ से टैक्सी

निकटतम हवाई अड्डा

देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट, इंदौर

ठहरना, भोजन व पार्किंग

  • ✦ मंदिर के आसपास धर्मशालाएँ व होटल उपलब्ध
  • ✦ भोजनशाला व स्थानीय भोजनालय
  • ✦ मंदिर के पास वाहन पार्किंग
  • ✦ ठहरने की व्यवस्था हेतु WhatsApp पर संपर्क करें

महाभारत कालीन इतिहास

मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर धर्मराज युधिष्ठिर ने कौरवों पर विजय हेतु यहाँ माँ की आराधना की। यहाँ गर्भगृह में मध्य में माँ बगलामुखी विराजित हैं, और उनके साथ माँ महालक्ष्मी तथा माँ महासरस्वती के दर्शन एक साथ होते हैं। मंदिर के पीछे पवित्र लखुंदर नदी बहती है।

पर्व

आगामी पर्व व नवरात्रि कैलेंडर

बगलामुखी जयंती

वैशाख शुक्ल अष्टमी

माघ गुप्त नवरात्रि

माघ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी

चैत्र नवरात्रि

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि

आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी

शारदीय नवरात्रि

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी

साप्ताहिक विशेष दिवस

प्रत्येक मंगलवार व गुरुवार

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